24 November 2011

India’s External Debt Increases By 3.4% : भारत का विदेशी ऋण 3.4% से बढ़ा : 24-11-11

India’s External Debt Increases By 3.4%हिंदी अनुवाद :

देश के विदेशी ऋण में जनवरी - मार्च 2011 तिमाही के लिए 306.35 अरब डॉलर की तुलना में अप्रैल-जून 2011 के दौरान 3.4% से 316.9 अरब डॉलर की वृद्धि हुई इस पर वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीना ने कहा कि बाह्य ऋण में वृद्धि मुख्य रुप से वाणिज्यिक उधार और अल्पावधि व्यापार क्रेडिट में बढ़ोतरी से हुई है

प्रुदेंत बाह्य ऋण प्रबंधन नीति सरकार द्वारा अनुगमित की गयी जो कि लंबी और छोटी अवधि के ऋण की निगरानी पर बल और रियायती संप्रभु ऋण व् इसीबीएस विनियमन को बढ़ा रही है जिसके परिणामस्वरूप सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुपात के लिए बाह्य ऋण में 2001-02 में 21.1% से लेकर 2010-11 में 17.3% तक की गिरावट आई

English Translation :

During April-June 2011, country’s external debt increased by 3.4% to $316.9 billion as compared to $306.35 billion in January-March 2011 quarter. “The increase in external debt was largely on account of rise in commercial borrowings and short-term trade credits,” said Namo Narain Meena, Minister of State for Finance.

The prudent external debt management policy being followed by the government lays emphasis on monitoring of long and short term debt, raising concessional sovereign loans and regulating ECBs. As a result, the external debt to Gross Domestic Product (GDP) ratio has declined from 21.1% in 2001-02 to 17.3% in 2010-11.

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