13 August 2009

मिर्च की कीमतों में शेष तेजी के रुख को देखा गया- अगस्त 13, 2009

हिन्दी अनुवाद:
सूत्रों के अनुसार, मिर्च की कीमतों कीमतें के आगमन के लिए दो-तीन महीनो की ऋण में शेष तेजी बने रहने की संभावना है, तेजी के रुख में देरी और कमी को पूरा करने के लिए देश के सबसे बड़े उत्त्पादक आंध्र प्रदेश में कमी, मानसून में देरी के वजह से आई। आंध्र प्रदेश के खातों में 50 से 60 प्रतिशत के लिए देश के कुल मिर्च उत्तपादन, ने मध्य प्रदेश द्बारा इसका पीछा किया।

मिर्च की बुवाई जुलाई में, शुरू हो जाती है पर इस साल लगभग 15 दिनों की बारिश की हीनता के वजह से देरी हो रही है। वरिष्ठ शोध के विश्लेषक ने कहा अब तक 14,000 हेकटेयर का उत्तपादन किया गया है जबकि पिछले वर्ष की तुलना में 33000 हेक्टेयर का उत्तपादन किया गया था, जिसकी वजह से उत्पादन में गिरावट की संभावना है परन्तु आंध्र प्रदेश में मिर्च भूमि व्यापार के अनुमानों के अनुसार, चोव्दा रेड्डी, कर्वी कॉमट्रेड स्थिर है।

English Translation:

Prices of chilli are likely to remain bullish for thecomingt two-three months due to delayed and deficient monsoon in Andhra Pradesh, which is the country's largest producer, according to sources. Andhra Pradesh accounts for 50-60 per cent of the country's total chilli production, followed by Madhya Pradesh.

Chilli sowing begins in July, but this year it was delayed by almost 15 days due to the faltering rain. According to trade estimates, chilli land in Andhra Pradesh so far stands at 14,000 hactares (ha) as against 33,000 ha last year, because of which output is expected to decline, Chowda Reddy, senior research analyst at Karvy Comtrade said.

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