18 January 2012

Sugar Output Surges 19% To 104.5 Lakh Tonnes Till January 15 : चीनी उत्पादन 15 जनवरी तक 104.5 लाख टन पर 19% बढ़ा : 18-01-12

हिंदी अनुवाद:

15 जनवरी, 2012 तक चल ​​रहे चीनी मौसम में चीनी का उत्पादन 19 प्रतिशत के आसपास 104.5 लाख टन तक बढ़ा है जो 17 लाख टन के आसपास पिछले साल 15 जनवरी तक 87.68 लाख टन के चीनी उत्पादन से अधिक है, नवीनतम इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (आईएसऍमए) डेटा के अनुसारपिछले वर्ष की तुलना अभी तक प्रमुख चीनी उत्पादन राज्यों में जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मीठा बनाने वाले उत्पादों का उत्पादन 22% के आसपास बढ़ा है।

देश में 15 जनवरी, 2011 को 498 के मुकाबले 15 जनवरी, 2012 को पेराई कर रहे चीनी कारखानों की कुल संख्या 516 थी। भारत के दुसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादन राज्य उत्तर प्रदेश ने मुख्यतः अभी तक उच्च उत्पादन दर्ज किया क्योंकि राज्य सरकार ने राज्य में चीनी मिलों को सामान्य से बहुत पहले उनकी पेराई शुरू करने का आदेश दिया है राज्य में चीनी मिलों को पेराई के लिए गन्ने की उपलब्धता बढाई जिससे कम गन्ना गुड़ निर्माण के लिए स्थानीय स्वीटनर के लिए भेज गया। जो तथ्य से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश मंडियों में गुड़ का आगमन पिछले साल की तुलना में दिसम्बर, 2011 तक लगभग 17% से कम था

राज्य ने अब तक गन्ने की पिछले वर्ष की इसी अवधि तक 271 लाख टन की तुलना में 347 लाख टन गन्ने की पेराई है। हालांकि गन्ने की पेराई मात्रा अधिक है, शीघ्र पेराई ने वसूली को को प्रभावित किया है जो पिछले साल 8.85% की तुलना में 15 जनवरी, 2012 तक 8.49% कम है

English Translation:

Production of sugar in the ongoing sugar season till January 15, 2012 surged by around 19 percent to 104.5 lakh tons which is around 17 lakh tons more than the sugar production upto 15th January of last year of 87.68 lakh tons, according to the latest Indian Sugar Mills Association (ISMA) data. Production of the sweetener has gone up around 22% over last year till date in major sugar producing states like Uttar Pradesh, Maharashtra and Karnataka.

Total number of sugar factories crushing as on 15th January, 2012 in the country was 516 as against 498 on January 15, 2011. India’s second largest sugar producing state Uttar Pradesh registered higher output till date primarily because the State Government ordered the sugar mills in the state to start their crushing much earlier than usual. Cane availability to sugar mills for crushing increased in the state as lesser cane was diverted to local sweetener for manufacturing gur which is evident from the fact that arrival of Gur in UP mandis was less by about 17% till Dec, 2011 compared to last year.

The state has so far crushed 347 lakh tons of sugarcane in comparison to 271 lakh tons of sugarcane last year upto the same period. Though the quantum of cane crushing is higher, the early crushing has affected the recovery which is lower at 8.49% till 15th January, 2012 in comparison to 8.85% last year.

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